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Announcer's Diary एनाउंसर्स डायरी

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आकाशवाणी: आवाज़ों का कारवां (90 साल, अनगिनत यादें)

यह आकाशवाणी है... ये सिर्फ पांच शब्द नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के जीवन की धड़कन और सुबह की पहली किरण रहे हैं।

भारत में रेडियो के 90 से अधिक वर्षों के गौरवशाली सफर में, आकाशवाणी ने देश के कोने-कोने को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है। इस ऐतिहासिक यात्रा को जीवंत और आत्मीय बनाने का श्रेय उन जादुई आवाज़ों को जाता है, जिन्होंने अपनी सुरीली तान, गंभीर संवाद और सहज मुस्कान से हर घर के ड्राइंग रूम में अपनी जगह बनाई।

यह पुस्तक आकाशवाणी के उन्हीं लोकप्रिय उद्घोषकों (Announcers) और प्रस्तोताओं के अनुभवों, अनसुने किस्सों और सुनहरी यादों का एक अनमोल दस्तावेज़ है।

इस पुस्तक में क्या है खास?

नेपथ्य के नायक: उन आवाज़ों के पीछे के चेहरों से मुलाकात, जिन्हें देश ने सिर्फ सुना और बेइंतहा प्यार दिया।

ऐतिहासिक पलों के गवाह: जब तकनीक आज जैसी आधुनिक नहीं थी, तब सीमित संसाधनों में कैसे इन उद्घोषकों ने देश में आपातकाल, युद्ध, क्रिकेट मैच के रोमांच और त्योहारों के उल्लास को जनता तक पहुंचाया।

स्मृतियों का खजाना: स्टूडियो के भीतर की खट्टी-मीठी यादें, लाइव ब्रॉडकास्ट के दौरान हुई गलतियां और उनके मजेदार किस्से।

बदलते दौर की दास्तान: कैसे ग्रामोफोन और टेप रिकॉर्डर के दौर से निकलकर रेडियो आज डिजिटल युग (FM और पॉडकास्ट) तक पहुंचा।

यह पुस्तक क्यों पढ़ें?

यह केवल रेडियो के इतिहास की किताब नहीं है, बल्कि यह उस दौर की यादों की एक भावुक यात्रा (Nostalgia Trip) है, जब पूरा परिवार एक छोटे से बक्से के सामने बैठकर मंत्रमुग्ध हो जाता था। यदि आपने कभी रेडियो की आवाज़ से अपनी सुबह की शुरुआत की है, तो इन उद्घोषकों के अनुभव आपको सीधे अपने बचपन और उस बीते सुनहरे दौर में ले जाएंगे।

शब्दों के जादूगरों और उनकी अमर आवाज़ों को समर्पित एक ऐसी किताब, जो आपको यादों के उस दौर में ले जाएगी जहां सिर्फ सुनना ही सबसे बड़ा सुकून था।

Announcer's Diary एनाउंसर्स डायरी 

पुरषोत्तम श्रीवास

हिन्दी-अंग्रेजी

380 (royal)

725.00

978-81-997064-6-0